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फुटेज देख कांपी रूह…ऐसा लगा मारने की लगी होड़; आंखों के सामने कत्ल पर कत्ल होते देखते रहे लोग

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लखनऊ के मलिहाबाद के मोहम्मदनगर तालुकेदारी गांव में जमीन की पैमाइश के दौरान छह फीट जमीन को लेकर हुए विवाद में हिस्ट्रीशीटर ने अपने बेटे और साथियों के साथ घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मां-बेटे और चचेरे भाई को मार डाला। वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई।

ट्रिपल मर्डर के मामले में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। बगैर पुलिस को सूचना दिए ही लेखपाल पैमाइश कराने पहुंचा था। इसलिए जब विवाद हुआ तो कोई संभालने वाला नहीं था। लेखपाल भी हमलावरों के साथ फरीद के घर तक पहुंचा। वहां गोलियां चलने लगीं तो वह भाग निकला। लेखपाल की भी भूमिका जांची जा रही है।

जमीन विवाद के मामलों में जब भी पैमाइश होती है तो प्रशासन की तरफ से स्थानीय पुलिस को लिखित सूचना देनी होती है। जिसे संज्ञान में लेकर पैमाइश के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस की मौजूदगी रहती है। अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं, जिनमें पुलिस नहीं जाने की वजह से पैमाइश नहीं की जाती। ये इसलिए क्योंकि विवाद की आशंका रहती है।

जब पुलिस बल उपलब्ध होता है तभी प्रशासन की टीम जाकर पैमाइश करती है। लेकिन, इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। स्थानीय पुलिस को सूचना तक नहीं दी गई। जानकारी के मुताबिक लेखपाल रघुवीर सिंह यादव पैमाइश कराने गया था। जब विवाद हुआ तो पैमाइश रुक गई। इसके बाद इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया।

लेखपाल का बड़ा खेला तो नहीं…
लल्लन खान आपराधिक व दबंग किस्म का शख्स है। उसके पास अरबों रुपये की जमीन है। ऐसे में लेखपाल आदि उसके दबाव में रहते हैं। पूरे मामले में आशंका है कि लल्लन के प्रभाव में लेखपाल अपने स्तर से पैमाइश कराकर जमीन के बंटवारे में खेल करने के प्रयास में था। जब बवाल हो गया तो वह खुद वहां से भाग निकला। वारदात में भी पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है। क्योंकि अगर सब कुछ नियमानुसार होता तो पुलिस को सूचना जरूर दी जाती।

फुटेज देख कांपी रूह, ऐसा लगा मारने की लगी थी होड़
पास के घर में मौजूद लोग आंखों के सामने कत्ल पर कत्ल होते देख रहे थे। वह चीख रहे थे। एक शख्स मोबाइल से वीडियो भी बना रहा था। सबसे पहले जब हंजला को गोली लगी तो वह बोले.. बच्चे को मार दिया। तभी मुनीर उर्फ ताज को गोली मारी गई तो आवाज आई कि ताज चाचा को भी नहीं छोड़ा। उन पर भी गोली दाग दी। आखिर में जब फरहीन को गोली लगी तो पड़ोसी रिश्तेदार बिलख-बिलखकर रोने लगे।

जमीन विवाद को लेकर पहले भी हुईं कई हत्याएं
अगस्त 2015 : बिजनौर इलाके में जमीन के विवाद में किशनचंद्र व उनके बेटे बबलू की गोली मारकर हत्या। किशनचंद्र का बेटा संदीप भी घायल। वारदात गैंगस्टर के आरोपी कुंदन और उसके साथियों ने अंजाम दी थी।
दिसंबर 2019 : पारा इलाके में पूर्व प्रधान राजकुमार की जमीन के विवाद में गोली मारकर हत्या।
दिसंबर 2020 : मड़ियांव इलाके में जमीन के विवाद में बुजुर्ग दयाराम और उनकी कथित पत्नी शांति देवी को दयाराम के ही बेटोंं और पौत्रों ने मिलकर मौत के घाट उतारा।

जनवरी 2022 : विकासनगर सेक्टर दो निवासी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से सेवानिवृत्त महमूद अली खां, उनकी पत्नी दरख्शां और छोटे बेटे शावेज की संपत्ति के विवाद में महमूद अली के ही बड़े बेटे सरफराज ने बांके से गला रेतकर की थी हत्या।
जून 2021 : नगराम के अकरहदू गांव में जमीन के विवाद में दो भाइयों के बीच खूनी संघर्ष। हंसराज की मौत।
जून 2023 : पीजीआई इलाके में जमीन व रुपये के विवाद में प्रॉपर्टी डीलर अमित कुमार की गोली मारकर हत्या।
दिसंबर 2023 : चिनहट में जमीन की पैमाइश के दौरान महिला पर फायरिंग। आरोपी गिरफ्तार लाइसेंसी बंदूक बरामद।
पैमाइश के वक्त छह फीट जमीन को लेकर हुआ विवाद, मां-बेटे समेत तीन की हत्या
आपको बता दें कि लखनऊ के मलिहाबाद के मोहम्मदनगर तालुकेदारी गांव में जमीन की पैमाइश के दौरान छह फीट जमीन को लेकर हुए विवाद में शुक्रवार को हिस्ट्रीशीटर ने अपने बेटे और साथियों संग मिलकर घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मां-बेटे और चचेरे भाई की हत्या कर दी। असलहा लहराते हुए आरोपी फरार हो गए।

सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात कैद हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस कमिश्नर समेत अन्य अधिकारी, फोरेंसिक टीम और प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे। एफआईआर दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी समेत अन्य की तलाश में पांच टीमें लगाई गई हैं।

गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर लल्लन खान का गांव के ही रहने वाले फरीद खान (लल्लन के रिश्ते में दामाद) से जमीन का विवाद चल रहा था। इस जमीन में दो और भी हिस्सेदार हैं। शुक्रवार को मीठेनगर में विवादित जमीन की पैमाइश होनी थी। फरीद के अलावा अन्य दोनों पक्षों के लोग मौके पर मौजूद थे। वहां पैमाइश के दौरान छह फीट जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया।

विवाद की जानकारी होते ही बीच रास्ते से फरीद वापस घर लौट गए थे। उधर, लल्लन इस विवाद के पीछे फरीद की साजिश मान रहा था। वह वहां से तुरंत (करीब साढ़े तीन बजे) अपने बेटे फराज खान व अन्य साथियों के साथ थार से फरीद के घर पहुंच गया। वे ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगे। इसमें फरीद के (15) वर्षीय बेटे हंजला, पत्नी फरहीन (35) और बीच-बचाव करने पहुंचे फरीद के चाचा मुनीर (55) को गोलियां लग गईं। मौके पर ही तीनों की मौत हो गई। पुलिस ने लल्लन के ड्राइवर अशरफी को गिरफ्तार कर लिया है।
50 साल से काबिज था लल्लन, इसलिए रखी खुन्नस
तीन बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस जमीन पर अपनी दबंगई की वजह से लल्लन करीब 50 साल से काबिज था। यह जमीन मुख्य रूप से गांव निवासी तैयब, सिराज व फरीद के नाम पर थी। तैयब लंदन में रहते हैं। उन्होंने अपनी जमीन की पॉवर ऑफ अटार्नी अपने भाई मसूद खान को कर रखी है। पैमाइश के दौरान मसूद के खान के बेटे सलमान व फराह मौजूद थे। फरीद घर पर ही थे। कुछ वक्त पहले लल्लन की तरफ से जमीन को लेकर केस फाइल किया था।
इसका फैसला मसूद व अन्य के पक्ष में आया था। अब लल्लन ने पैमाइश के लिए आवेदन किया था। पैमाइश करने लेखपाल पहुंचा था। पैमाइश के दौरान 6 फीट जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया था। इससे बीच में पैमाइश रुक गई। लल्लन फरीद से खुन्नस रखे थे, क्योंकि उसको अंदेशा था कि पूरे विवाद के पीछे फरीद है। इसलिए उसने उनके घर पर
धावा बोल गोलियां दागीं।
हत्या करने वाले और पीड़ित आपस में रिश्तेदार
लल्लन खान ने जिनकी हत्या की उनमें शामिल फरहीन उनकी भतीजी है। हंजला नाती और मुनीर चचेरे भाई हैं। लल्लन खान के पास करीब 75 बीघा खेत व बाग हैं। मुख्य कारोबार बागवानी ही है। मुनीर व फरीद भी यही काम करते हैं। लल्लन के दो बेटे शमायल और एराज पोलैंड में हैं।

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