
कई बार तो लोग नींद से जागने पर ये सोचने लगते हैं कि वे क्यों जाग रहे हैं या कितनी देर सोए? वह ये भी तय करते हैं कि उन्हें कितनी देर और सोना है और कब जागना है। येल मेडिसिन में स्लीप एक्सपर्ट लिनेल कहती हैं कि वयस्क रात में दो से छह बार तक जागते हैं। इस दौरान वह किसी विवाद या काम से जुड़ी चिंता में डूब जाते हैं। उन्हें अलर्ट होना जरूरी है।
इस लेख में जानिए लोग नींद से अचानक क्यों जाग जाते हैं और वह दोबारा गहरी नींद के लिए क्या कर सकते हैं।

लिनेल कहती हैं, अचानक नींद खुले तो 15-20 मिनट दोबारा सोने की कोशिश करें, फिर भी नींद न आए तो बिस्तर से उठ जाएं। घर में शांत जगह पर बैठकर किताब पढ़े, पजल सॉल्व करें या आडियो बुक सुनें। आधे घंटे तक ऐसा करने से नींद आने लगेगी। व्यर्थ की चिंता में न उलझें, इससे नींद उचट जाती है।

नींद की समस्या रात के खाने की गड़बड़ी के कारण भी हो सकती है। इसलिए रात में बहुत देर से या ज्यादा खाने से बचें। ये पाचन प्रक्रिया को बिगड़ने से बचाती है। मसालेदार और वसायुक्त खाने से परेशानी और बढ़ती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं, सोने से 3 घंटे पहले तक हल्का खाना खाना चाहिए। रात को भूख लगे तो स्नैक्स से बचें, पीनट बटर टोस्ट या ओट्स कुकीज ले सकते हैं। ध्यान रखें कैफीन और अल्कोहल वाली चीजों का सेवन दोपहर के बाद न करें, ये बेहतर होगा।

नींद न आने पर मोबाइल या अन्य डिवाइस का उपयोग करना लंबे समय तक जगाए रख सकते हैं। रिलैक्स होने के लिए मेलाटोनिन का उत्पादन रोशनी से बाधित होता है। फोन पर बार-बार समय न देखें। अगर फोन देखने का मन करता है तो उसे बेड से या रूम से दूर ही रखें ताकि खुद को फोन का इस्तेमाल करने से रोक सकें।

व्यायाम और शारीरिक सक्रियता से नींद बेहतर होती है। हालांकि अगर रात में कई बार नींद खुती है तो शाम के वक्त वर्कआउट नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञ के मुताबिक, इससे हार्ट रेट और शरीर का तापमान बढ़ सकता है, इसका असर आपकी नींद पर पड़ता है।
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