आज के समय में होने वाले दूल्हों को शेरवानी पहनना काफी पसंद आता है। बाजार में उनकी पसंद के हिसाब से आसानी से शेरवानी मिल भी जाती है लेकिन कई बार ये देखा जाता है कि गलत तरह के वेडिंग आउटफिट का चयन करने के बाद रात भर पूजा के समय बैठना काफी मुश्किल हो जाता है।
दरअसल, शादी के दिन जयमाला का बाद रस्में पूरी रात चलती हैं। ऐसे में दूल्हे को वही कपड़े पहनने पड़ते हैं, जिन्हें पहनकर वो घोड़ी चढ़े थे। ऐसे में अगर गलत आउटफिट का चयन हो, तो काफी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। इसी के चलते आज हम आपको दूल्हे के आउटफिट का चयन करने के कुछ टिप्स बताएंगे।

अगर ज्यादा ठंड का मौसम है तो आप सूट को भी चुन सकते हैं, लेकिन शेरवानी शादी के दिन सबसे खास दिखती है। ऐसे में कोशिश करें कि अपनी शादी के दिन शेरवानी का ही चयन करें।

अगर आप रेडीमेड शेरवानी खरीद रहे हैं तो उसे अच्छे से पहनकर देख लें। कई बार पायजामी का कपड़ा इतना ज्यादा कड़क होता है, कि उसे पहनकर बैठे रहना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ध्यान रखें कि शेरवानी का फैब्रिक ऐसा हो जिसमें आपको उलझन ना होने पाए।

आपका शेरवानी ना तो ज्यादा टाइट होनी चाहिए और ना ही ढीली। अगर शेरवानी ज्यादा टाइट होगी तो इसे पहनकर बैठे रहना काफी मुश्किल होगा, लेकिन अगर ये ज्यादा ढीली होगी तो आपका लुक भी बिगड़ सकता है। ऐसे में शेरवानी की फिटिंग एक दम परफेक्ट ही कराएं।

वैसे तो आजकल पेस्टल रंग काफी ज्यादा चलन में हैें, लेकिन कई घरों में दूल्हा और दुल्हन को हल्के रंगों से दूर रखते हैं। ऐसे में आप गोल्डन-सिल्वर, गोल्ड-ब्लैक, गोल्डन-औरेंज, रेड-गोल्डन रंगों को चुन सकते हैं। अगर आपके घर पेस्टल पहनने में कोई दिक्कत नहीं है तो ये एक आइवरी रंग एक बेहतर विकल्प है।
