1942 के स्वतंत्रता संघर्ष में अंग्रेजों से लड़ते हुए कुर्बान हुए वीर सपूतों को मंगलवार को श्रद्धांजलि दी गयी। सुखपुरा शहीद स्मारक पर जुटे लोगों ने अमर शहीदों को पुष्पांजलि की। ध्वजारोहण किया गया।
इस अवसर पर स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी रामविचार पांडे ने कहा कि बड़ी-बड़ी कुर्बानियों के बाद मिली आजादी को अक्षुण्ण बनाए रखने व राष्ट्र के नवनिर्माण की जिम्मेदारी युवाओं की है। युवा आगे बढ़ें और बिना किसी भेदभाव के दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र के नवनिर्माण का संकल्प लें। भारत माता की भी यही पुकार है।
कहा कि किसी भी राष्ट्र, समाज व परिवार की पहचान उसके पुरखों से होती है। गुलामी में जकड़ी भारत माता जब आजादी के लिए कराह रही थी तो हमारे पुरखों ने बिना किसी भेदभाव के अपने खून से राष्ट्र को आजाद कराया। इन्हीं की शहादत में हम आज यहां याद कर रहे हैं। उनकी कुर्बानी हमें युगो युगो तक प्रेरणा देती रहेगी। कहा कि बच्चों को यह शहीद स्मारक देश के लिए कुछ कर गुजरने की बराबर प्रेरणा देता रहेगा।
इसके पूर्व सेनानी रामविचार पांडे ने वंदे मातरम, भारत माता की जय के गगनभेदी नारे के बीच शहीद स्मारक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि करने वालों में क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह, ब्लाक प्रमुख भोला सिंह, कांग्रेस नेत्री उषा सिंह, जिपं के पूर्व सदस्य श्याम बहादुर सिंह, जनार्दन उपाध्याय, नागेंद्र पांडे, कमलेश सिंह, दिग्विजय सिंह, विजय शंकर पांडे, जितेंद्र सिंह, अख्तर अली, समरेंद्र सिंह, दिनेश चंद्र सिंह, राहुल सिंह टिंकू, सत्य प्रकाश गुप्त, रामाशंकर यादव, राजू वारसी, द्विजेंद्र मिश्रा, गिरजा शंकर सिंह, हरेंद्र सिंह, अतुल लाल श्रीवास्तव आदि ने शहीदों को नमन किया। एसओ अमित सिंह सदल बल मौजूद रहे।
