हिमाचल प्रदेश के मानसून की सक्रियता से लगातार बारिश हो रही है। भारी बारिश के चलते कुछ क्षेत्रों में हालात बिगड़ने लगे हैं। राजधानी शिमला में बीती रात से जमकर बारिश हो रही है। जिसकी वजह से शरहवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश के मैदानी व मध्यपर्वतीय इलाकों में भारी बारिश के चलते लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। भूस्खलन की वजह से लगातार हादसे होने की सूचना भी मिल रही है। सोमवार शाम अटल टनल के समीप सेरी नाले में बादल फटने से दो पैदल पुल और एक सड़क बह गई। गनीमत यह रही कि किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार सुबह 10 बजे तक प्रदेश में 30 सड़कें और 87 ट्रांसफार्मर ठप रहे। मंडी में 11, कुल्लू में 10, बिलासपुर में पांच, कांगड़ा, किन्नौर, सिरमौर व सोलन में एक-एक सड़क भूस्खलन से बाधित हुई हैं। सिरमौर जिला में सबसे ज्यादा 54 ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं। जबकि कुल्लू में 31 और चंबा व मंडी में एक-एक ट्रांसफार्मर बंद है। इसके अलावा चंबा में चार और बिलासपुर में दो पेयजल परियोजनाएं भी बंद हैं।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शिमला में 21, धौलाकूआं में 16, सुंदरनगर में 13 और कुफरी में 11 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि आगामी 29 जुलाई तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मैदानी व मध्यम उंचाई वाले क्षेत्रों में 27 व 28 जुलाई को भारी बारिश का येलो और 29 जुलाई को आरेंज अलर्ट रहेगा।
आशा खबर / उर्वशी विश्वकर्मा
