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Category: | राज्य

मंत्रोच्चारों से गूंजेगा राम जन्मभूमि परिसर 17 जनवरी…संकल्प पूजन, वेद मंत्रोच्चर अनुष्ठान की शुरुआत 17 जनवरी को संकल्प, गणपति पूजन, मातृका पूजन और पुण्यावाचन के साथ होगी। चारों वेदों के मंत्र पढ़े जाएंगे। हर वेद के अलग-अलग ऋषि हैं। मंडपम में उत्तर की ओर अथर्ववेद, पूर्व में ऋग्वेद, दक्षिण में यजुर्वेद और पश्चिम में सामवेद के विद्वान बैठेंगे। 18 पुराणों के अलग-अलग विद्वान पाठ करेंगे। उपनिषदों के भी मंत्र पढ़े जाएंगे। कर्मकांडी ब्राह्मण अनुष्ठान करेंगे। कर्मकांडों में मंदिर का क्षेत्रपाल पूजन, वास्तु पूजन, नवग्रह पूजन, दस स्नान, हवन आदि होगा। 18 जनवरी…सरयू जल से स्नान 18 जनवरी को सरयू नदी के 121 कलश जल से भगवान रामलला की मूर्ति को स्नान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान राम अयोध्या नगर का भ्रमण कर प्रजा से मिलेंगे, भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, मठ-मंदिरों में दर्शन करेंगे। 19 जनवरी…कई तरह के अधिवास मूर्ति बनने के दौरान पत्थर, छीनी और हथौड़े से काफी काम होता है। उससे कई दोष उत्पन्न हो जाते हैं। इसकी शुद्धि के लिए कई तरह के अधिवास होंगे। 19 जनवरी को घृताधिवास, मध्वाधिवास, अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास होंगे। घृताधिवास में मूर्ति पर एक धागा बांधकर दो-दो मिनट के लिए घी में रख दिया जाएगा। फिर मध्वाधिवास में मूर्ति को शहद से भरे पात्र में रख देते हैं। अन्नाधिवास, मूर्ति को चावल से ढक देंगे। पुष्पाधिवास में पूरी मूर्ति पर फूल बिछा देंगे। कलश में औषधि और सरयू का जल डालकर मूर्ति और नए मंदिर के शिखर को स्नान कराया जाएगा, क्योंकि शिखर में देवता वास करते हैं। 20 जनवरी…शयन करेंगे रामलला शैयाधिवास का अनुष्ठान 20 जनवरी को होगा यानी पूरी रात रामलला शयन करेंगे। इधर, पूरे दिन बाकी अनुष्ठान चलते रहेंगे। इसके बाद मूर्ति को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। 21 जनवरी…न्यास मंत्रों का जाप न्यास पूजा की शुरुआत 21 जनवरी की सुबह होगी। मूर्ति के सिर, ललाट, नाखून, नाक, मुख, कंठ, आंख, बाल, हृदय से लेकर पांव तक में प्राण डालने के लिए दो घंटे तक न्यास मंत्रों का जाप होगा। मूर्ति के सिर से लेकर पांव तक के लिए अलग-अलग मंत्रों का जाप करते हैं। इसे न्यास विद्या कहते हैं। मुहूर्त के दौरान मूर्ति के नीचे सोने की श्लाका और कुशा रखते हैं। 22 जनवरी….प्राण प्रतिष्ठा होगी अभिजित मुहूर्त में 22 जनवरी को सुबह 11:30 से दोपहर 12:40 बजे के बीच सोने की श्लाका और कुशा को खींच दिया जाएगा। श्लाका खींच देने पर मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा स्वत: हो जाएगी। इसके बाद 56 भोग अर्पित कर भगवान राम की महाआरती होगी। श्रीराम हवाई अड्डे को आतंकवादी सुरक्षा कवर प्रदान करेगी सीआईएसफ उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जल्द ही खुलने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की एक सशस्त्र टुकड़ी आतंकवाद विरोधी सुरक्षा कवर प्रदान कर सकती है। हवाई अड्डे का पहला चरण दिसंबर अंत तक पूरा हो जाएगा। इसका उद्घाटन शहर में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। खुफिया-सुरक्षा एजेंसियां कर रही विश्लेषण आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि ‘मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की सुरक्षा समीक्षा शुरू हो गई है। केंद्रीय एवं राज्य खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के विशेषज्ञों की एक टीम काम की रूपरेखा का विश्लेषण कर रही है। अधिकारी ने कहा, नागरिक हवाई अड्डे पर आतंकी खतरे की आशंका को देखते हुए मजबूत सुरक्षा कवर प्रदान किया जाएगा, सीआईएसएफ इसके लिए नोडल एजेंसी है गृह मंत्रालय लेगा अंतिम निर्णय सूत्रों ने कहा, एक बार एजेंसियों की ओर से सुरक्षा समीक्षा पूरी हो जाने के बाद गृह मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी जाएगी जो अंतिम निर्णय लेगा

प्रदेश में एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) नीति के तहत पांच बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। इनमें हांगकांग की कंपनी टौशैन इंटरनेशनल ग्रुप, आरजी ग्रुप, आस्टिन कंसल्टिंग ग्रुप, कॉसिस ग्रुप, इंडो यूरोपियन चैम्बर आफ स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज, ब्रिटेन की ट्राफलगर स्कवायर कैपिटल ग्रुप, एबीसी क्लीनटेक, यूनीकार्न एनर्जी जर्मनी आदि हैं। इनमें से ब्रिटेन की ट्राफलगर स्कवायर ने पांच और जर्मनी की यूनीकार्न एनर्जी ने दो एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। ट्राफलगर स्कवायर यहां डिफेंस विनिर्माण इकाइयां लगाएंगी। इन पर 75 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। खास बात ये है कि समूह ने निवेश के लिए अयोध्या का चुनाव किया है। इस निवेश के साथ कम से कम 26 हजार नए रोजगार पैदा होंगे। डिफेंस क्षेत्र में निवेश डिफेंस कारीडोर के बाहर किया जा रहा है। एक जिले में 75 हजार करोड़ का निवेश संभवत: देश के किसी एक जिले में होने वाला सबसे बड़ा निवेश होगा। जर्मनी की यूनीकार्न एनर्जी दो प्रोजेक्ट के जरिये लखनऊ और जौनपुर में प्रवेश करेगी। दोनों प्रोजेक्ट में करीब 42 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। ये दोनों प्रोजेक्ट सौर ऊर्जा क्षेत्र के होंगे। इनमें लगभग 2200 लोगों को रोजगार मिलेगा। जीएमआर समूह ने भी सौर ऊर्जा मे निवेश के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का एमओयू फाइनल किया है। अभी जगह का चुनाव नहीं किया गया है। आदित्य बिड़ला ग्रुप ने 25 हजार करो़ड़ रुपये का नया एमओयू किया है। समूह प्रदेश में टेक्सटाइल और रेडीमेड की बड़ी इकाई लगाएगा। हिंदुजा समूह ने अशोक लीलैंड के ईवी वाहन का समझौता फाइनल करने के बाद फिल्म, मीडिया और सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी 25 हजार करोड़ का निवेश किया है। अभी दोनों ही कंपनियों ने जगह का चुनाव नहीं किया है। नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन ने सौर ऊर्जा और ऊर्जा क्षेत्र में 6 एमओयू किए हैं। कारपोरेशन 74 हजार करोड़ से झांसी, सोनभद्र और प्रयागराज में प्लांट लगाएगा।