राज्यपाल ने कहा कि मैं अपनी सम्मानित संवैधानिक सहयोगी माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि वे राजभवन के अंदर आएं और अगर वह चाहें तो विरोध प्रदर्शन करें। उन्हें बाहर क्यों खड़ा होना चाहिए?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के विधायकों के वेतन में 40,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की घोषणा की। ममता ने कहा कि मुख्यमंत्री के वेतन में कोई संशोधन नहीं होगा, क्योंकि वह लंबे समय से कोई वेतन नहीं ले रही हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के विधायकों का वेतन अन्य राज्यों की तुलना में बहुत कम है। इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि उनके वेतन में प्रति माह 40,000 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी।
राज्यपाल ने कहा कि मैं अपनी सम्मानित संवैधानिक सहयोगी माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि वे राजभवन के अंदर आएं और अगर वह चाहें तो विरोध प्रदर्शन करें। उन्हें बाहर क्यों खड़ा होना चाहिए? इससे पहले मंगलवार को शिक्षक दिवस के एक कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी ने कहा था कि अगर राज्य सरकारों के अधिकार छीनकर संघवाद में हस्तक्षेप किया गया तो मैं राजभवन के बाहर धरने पर बैठने के लिए मजबूर हो जाऊंगी। हम अन्याय नहीं होने देंगे। बंगाल जानता है कि लड़ाई कैसे लड़ी जाए।
राज्यपाल बोस ने रवीन्द्र नाथ टैगोर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद के नाम का उल्लेख करते हुए वादा किया कि वह भ्रष्टाचार मुक्त शिक्षा जगत के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति संबंधी राजभवन के हालिया कदम के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से की गईं नियुक्तियों के खिलाफ शीर्ष अदालत के फैसले के मद्देनजर मैंने अंतरिम कुलपतियों की नियुक्तियां कीं।

