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पानी वाले फलों के फायदे और नुकसान, सोच-समझकर करें सेवन

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भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए हाइड्रेटिंग फलों का सेवन बेहद लाभकारी होता है, लेकिन अगर ज्यादा ले रहे हों तो फिर डॉक्टर से पूछें। गर्मियों के दिनों में शरीर में पानी की कमी हो जाती है। तेज धूप की वजह से बार-बार प्यास लगती है, जिससे डिहाइड्रेशन होने के आसार बढ़ जाते हैं। ऐसे में हमारी कोशिश रहती है कि शरीर में पानी की कमी न हो। इसके लिए हम पानी वाले फल-सब्जियों का सेवन करते हैं, जैसे खीरा, तरबूज, संतरा, आम, अंगूर आदि। गर्मियों में पानी वाले ये फल-सब्जियां काफी लाभदायक होती हैं, लेकिन कुछ स्वास्थ्य समस्याओं में ये आपको नुकसान करती हैं। इसलिए इसका सेवन सोच-समझकर और कम मात्रा में करना ही बेहतर है।

आपको इस भीषण गर्मी में ठंडक पहुंचाने और तरोताजा रहने में मदद करता है तरबूज। सेहत के खजाने से भरपूर इस तरबूज में फाइबर, पोटैशियम और वाटर कंटेंट उच्च मात्रा में पाया जाता है। एक कप तरबूज का सेवन करने से शरीर को लगभग तीन कप तरल पदार्थ प्राप्त होता है। लेकिन इसकी ज्यादा मात्रा किडनी की समस्या को बढ़ा सकती है। साथ ही गर्मियों के कुछ अन्य फलों के सेवन से भी बचना चाहिए, क्योंकि इन फलों में मौजूद तत्व किडनी की बीमारी को बढ़ा सकते हैं, जैसे संतरा, केला, खरबूजा और अंगूर। इन फलों में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है और किडनी की बीमारी के कारण इसकी कार्यक्षमता कम हो जाती है, जिससे मरीज को परेशानी होती है।

डायबिटीज के मरीजों को समझ नहीं आता कि आखिर वे कौन से फलों का सेवन करें। इसलिए कई बार वे अनजाने में ऐसे फल खा लेते हैं, जो उनके लिए काफी नुकसानदायक होते हैं, जैसे आम, केला, तरबूज, चीकू आदि। ये फल गर्मियों के मौसम में खूब मिलते हैं, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए ये बिल्कुल भी सेहतमंद नहीं होते। इनमें शुगर की मात्रा ज्यादा होती है, खासकर आम और चीकू में। इसलिए इनको खाने से बचना चाहिए। इन फलों में मौजूद नेचुरल शुगर डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छी नहीं होती है, इसलिए इन फलों के सेवन से बचना चाहिए और हाइड्रेट रहने के अन्य विकल्प खोजने चाहिए।

डायरिया और दस्त होने की समस्या में भी आपको इस तरह के फलों से दूर रहना चाहिए। साथ ही इस मौसम में घर में काफी तरह के जूस बनते हैं, लेकिन जिन्हें डायरिया और दस्त की समस्या है, उन्हें इन का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इनमें फ्रुक्टोज यानी नेचुरल शुगर होती है। तरबूज जैसे पानी से भरे फलों में विटामिन और मिनरल्स की उच्च मात्रा पाई जाती है, जिसके चलते डायरिया के मरीजों को इससे नुकसान हो सकता है। साथ ही इसमें मौजूद फ्रुक्टोज की मात्रा डायरिया की समस्या को गंभीर कर सकती है। इसके अलावा इन फलों में मौजूद वाटर कंटेंट की अधिकता के चलते बार-बार यूरिन पास करने की समस्या बढ़ने लगती है, जिससे फ्लूइड लॉस का सामना करना पड़ता है।

अति हमेशा नुकसानदायक

प्राकृतिक रोग चिकित्सक डॉ. रमाकांत द्विवेदी कहते हैं, हमें मौसम के अनुसार ही फलों का सेवन करना चाहिए, मगर अति किसी की भी हो, नुकसानदायक ही होती है। इसलिए ज्यादा देर हाइड्रेट रहने की सोच से कभी भी सीजनरी फलों का अधिक मात्रा में सेवन न करें, जो आपको नुकसान पहुंचाए। आप इन फलों का सेवन सही मात्रा में करें। गर्मियों के समय मिलने वाले हाइड्रेट फलों का अधिक सेवन आपकी किडनी पर जोर डालता है, जिससे किडनी को अपना काम करने में परेशानी होती है। इसके साथ ही जिन महिलाओं को डायबिटीज की समस्या है, उनके पेंक्रियाज प्रॉपर काम नहीं करते। ऐसे में फलों से शुगर बढ़ने की आशंका अधिक रहती है। इसके अलावा दस्त से पीड़ित महिलाओं को भी इससे परहेज करना चाहिए।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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