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कैंसर कारक इस रसायन के उपयोग पर लगा प्रतिबंध, शोधकर्ता बोले- लिवर कैंसर का बढ़ रहा था खतरा

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हमारे दैनिक जीवन में प्रयोग में लाई जाने वाली कई चीजों के इस्तेमाल को गंभीर रोगों का कारक पाया गया है। अध्ययनों के मुताबिक बच्चों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले डाइपर से लेकर, सनस्क्रीन और कुछ प्रकार की क्रीम में ऐसे हानिकारक तत्व हो सकते हैं जिनसे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है। इसी तरह के मामले में वैज्ञानिकों ने बताया कि कुछ पेंट स्ट्रिपर में मेथिलीन क्लोराइड जैसे हानिकारक तत्व पाए गए हैं जिनके संपर्क को कैंसर के खतरे का कारण पाया गया है। अमेरिका की पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) ने मंगलवार को मेथिलीन क्लोराइड के उपयोग को प्रंतिबंधित कर दिया है।

मेथिलीन क्लोराइड को पेंट स्ट्रिपर उत्पादों के रूप में कई देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि इससे  लिवर कैंसर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है। ईपीए ने कहा कि इस रसायन पर लगे प्रतिबंध से पेंट का काम करने वाले लोगों की जान बचाने में मदद मिलेगी।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति जो बिडेन के प्रशासन द्वारा टॉक्सिक सब्सटांस कंट्रोल एक्ट के तहत मेथिलीन क्लोराइड पर प्रतिबंध लगाने की बात की गई थी। इससे पहले पिछले महीने ही क्लोरीन ब्लीच, ब्रेक पैड और अन्य उत्पादों में उपयोग किए जाने वाले एस्बेस्टस पर भी प्रतिबंध लगाया जा चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एस्बेस्टस के संपर्क में आने के कारण हर साल हजारों अमेरिकियों की मौत हो जाती थी।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

ईपीए के प्रशासक माइकल रेगन ने एक बयान में कहा, “मेथिलीन क्लोराइड के संपर्क ने देशभर में लंबे समय से कई परिवारों को तबाह कर दिया है, जिनमें कुछ ऐसे भी शामिल हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को काम पर जाते देखा और वो कभी घर नहीं आए। उन्होंने कहा, नया नियम असुरक्षित मेथिलीन क्लोराइड को समाप्त करता है साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि इस खतरनाक रसायन से देश में किसी भी नागरिक को नुकसान न हो।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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