जब सपने बड़े हों और उसके पीछे दिन-रात की मेहनत और लगन हो, तो एक दिन उन्हें मुकाम मिल ही जाता है। महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली की किरण कुर्मावर ने इस बात को सच कर दिखाया है। किरण अब उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड जा रही हैं।

जब सपने बड़े हों और उसके पीछे दिन-रात की मेहनत और लगन हो, तो एक दिन उन्हें मुकाम मिल ही जाता है। महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली की किरण कुर्मावर ने इस बात को सच कर दिखाया है। किरण अब उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड जा रही हैं। किरण के लिए सरकार के समाज कल्याण विभाग ने 40 लाख रुपये की छात्रवृत्ति मंजूर की है। किरण की इस उपलब्धि ने क्षेत्र के युवाओं को एक नई दिशा भी दिखाई है।
किरण नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले के सिरोंचा तहसील के रेगुंठा गांव की रहने वाली हैं। वहां आज भी बिजली और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। इसके बावजूद किरण ने टैक्सी चलाकर अपने परिवार को पाला। किरण ने दिल्ली में भी काम किया। किरण ने कभी भी अपने पिता की खराब आर्थिक स्थिति को नहीं कोसा। बल्कि इससे उसका हौसला और बढ़ा और वह अपना सपना पूरा करने में जुट गई। इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम परीक्षा को पास करने के बाद किरण ने उस्मानिया वििव से स्नातकोत्तर पूरा किया।

