
प्रयागराज। सरस्वती संगीतालय में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर मां सरस्वती और मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आराधना संपन्न हुई। इस अवसर पर भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ के प्रांत सहसंयोजक रजनीकांत श्रीवास्तव ने कहा कि शरद ऋतु का आगमन ऋतु परिवर्तन का संदेश लेकर आता है। सर्द ऋतु की शुरुआत मां की आराधना और पूजा से शुभ मानी जाती है।
उन्होंने बताया कि आज के दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं के साथ पूर्ण रूप में दिखाई देता है, जो शरद ऋतु का वास्तविक अनुभव कराता है। परंपरा के अनुसार लोग खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे चंद्रमा की रोशनी में रखते हैं। मान्यता है कि आज की रात्रि में अमृत वर्षा होती है और यह खीर औषधीय गुणों से युक्त हो जाती है।
देश के विभिन्न भागों में यह पर्व हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, इस दिन दमा रोगियों के लिए औषधि के रूप में विशेष दवा का वितरण भी किया जाता है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रजनीकांत चंद्रकांत मालवीय, इला मालवीय, शोभित मिश्रा, अंजनी शुक्ला, डॉ. शोभना मिश्रा तथा हिंदुस्तान युवा उत्थान समिति की श्रीमती इला श्रीवास्तव उपस्थित रहीं। मां सरस्वती की वंदना और मां लक्ष्मी की आरती उतारी गई तथा उपस्थित सभी ने “विश्व का कल्याण हो, गौ माता की रक्षा हो, सनातन धर्म विश्व गुरु बने” का उद्घोष किया।

