लखनऊ के हजरतगंज के अशोक मार्ग स्थित प्रेम नगर कॉलोनी में रियल एस्टेट कारोबारी रजनीश गोयल (52) ने शुक्रवार सुबह लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मार ली। उनका शव कमरे में पड़ा मिला। अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट में उन्होंने खुद को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। वहीं, माता-पिता के मुताबिक रजनीश कुछ दिनों से रुपये को लेकर परेशान थे। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज अखिलेश मिश्रा के मुताबिक रियल एस्टेट कारोबारी गोपाल कृष्ण गोयल के बेटे रजनीश उनके कारोबार में हाथ बंटाते थे। गोपाल कृष्ण के मुताबिक रजनीश रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह टहलकर 11 बजे लौटे और पहली मंजिल स्थित अपने कमरे में चले गए। घर में काम करने वाली तीन नौकरानियों ने उन्हें बताया कि रजनीश का कमरा अंदर से बंद है और कई बार आवाज देने पर भी नहीं खुल रहा है। इस पर गोपाल कृष्ण व उनकी पत्नी ने पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंची पुलिस कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो देखा रजनीश का शव बेड पर पड़ा था और पास ही उनकी लाइसेंसी पिस्तौल भी थी। कमरे से सुसाइड नोट भी मिला। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया है। रजनीश की पत्नी रोली गोयल मायके प्रयागराज गई हुई हैं। वहीं, उनकी बेटियां ऋषिता और शिविका अमेरिका में रहती हैं।

सुसाइड नोट पर चार जगह किए थे दस्तखत
पुलिस के मुताबिक नोटपैड पर अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट पर रजनीश ने चार जगह दस्तखत किए थे। उन्होंने साफ लिखा कि मेरी मौत से किसी को कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, माता-पिता से पूछताछ में सामने आया कि रजनीश कुछ दिनों से रुपये को लेकर काफी परेशान थे। आरोप लगाया कि हो सकता है कि साथ काम करने वाले कारोबारी उन्हें प्रताड़ित कर रहे हों। तहरीर के आधार पर रजनीश के साझेदार व साथ काम करने वालों से पूछताछ होगी।
पुलिस के मुताबिक नोटपैड पर अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट पर रजनीश ने चार जगह दस्तखत किए थे। उन्होंने साफ लिखा कि मेरी मौत से किसी को कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, माता-पिता से पूछताछ में सामने आया कि रजनीश कुछ दिनों से रुपये को लेकर काफी परेशान थे। आरोप लगाया कि हो सकता है कि साथ काम करने वाले कारोबारी उन्हें प्रताड़ित कर रहे हों। तहरीर के आधार पर रजनीश के साझेदार व साथ काम करने वालों से पूछताछ होगी।

एक दिन पहले ही लिख दिया था सुसाइड नोट
सुसाइड नोट में बृहस्पतिवार 04 अगस्त की तारीख दर्ज है। इसके नीचे भी रजनीश ने हस्ताक्षर किया है। इससे साफ है कि उन्होंने पहले से खुदकुशी की तैयारी कर ली थी। पुलिस के मुताबिक अंदाजा है कि खुदकुशी से पहले शुक्रवार को फिर से रजनीश ने सुसाइड नोट पर दस्तखत किए। फिलहाल इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। रजनीश के मोबाइल को भी कब्जे में लिया गया है। उसमें पिछले एक सप्ताह में हुई बातचीत करने वाले नंबरों को खंगाला जा रहा है।
सुसाइड नोट में बृहस्पतिवार 04 अगस्त की तारीख दर्ज है। इसके नीचे भी रजनीश ने हस्ताक्षर किया है। इससे साफ है कि उन्होंने पहले से खुदकुशी की तैयारी कर ली थी। पुलिस के मुताबिक अंदाजा है कि खुदकुशी से पहले शुक्रवार को फिर से रजनीश ने सुसाइड नोट पर दस्तखत किए। फिलहाल इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। रजनीश के मोबाइल को भी कब्जे में लिया गया है। उसमें पिछले एक सप्ताह में हुई बातचीत करने वाले नंबरों को खंगाला जा रहा है।

सवाल : पांच में से किसी ने नहीं सुनी गोली चलने की आवाज
घटना के वक्त घर में गोपाल कृष्ण गोयल व उनकी पत्नी के अलावा तीन नौकरानियां भी थीं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि जब रजनीश ने खुदकुशी की तो क्या इनमें से किसी को गोली चलने की आवाज नहीं सुनाई दी। पुलिस इसकी भी पड़ताल कर रही है।
घटना के वक्त घर में गोपाल कृष्ण गोयल व उनकी पत्नी के अलावा तीन नौकरानियां भी थीं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि जब रजनीश ने खुदकुशी की तो क्या इनमें से किसी को गोली चलने की आवाज नहीं सुनाई दी। पुलिस इसकी भी पड़ताल कर रही है।
आशा खबर / शिखा यादव
